शधाणूं 12:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 तेखअ पुजै तिंयां दुजै पहरै निखल़ी करै लोहे प्रऊल़ी सेटा, ज़ुंण नगरी बाखा खुल्हा त, सह खुल्ही तिन्नां लै आपणैं आप और तिंयां नाठै एकी सांगल़ी बाता बाती आजू और ज़ांऊं तिंयां तेसा बाता का आजू निखल़ै ता स्वर्ग दूत नाठअ तेऊ छ़ाडी। Viz kapitolaकुल्वी10 तैबै ते पैहलै होर दुज़ै पैहरै न निकल़िया तेई लोहै रै बड़ै गेटा आगै पुजै ज़ो नगरा धिराबै ती। सौ तिन्हरी तैंईंयैं आपणै-आप खुलू होर ते निकल़िया एकी गलिऐ नौठै। ऐतरै न स्वर्गदूत तेइबै छ़ौड़िआ नौठा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 तेबा त्याह पहिले होर दूजे पहरे का निखली करे तेऊ लोहे रे गेटा सेटा पूजे जोह नगरा फेरा बे साहा। सह त्याह वे आपणे आप खुलू होर त्याह निखली करे एकी गली बे नाठे होर तेभरी स्वर्गदूत तेऊ छाडी करे नाठअ। Viz kapitola |