शधाणूं 11:8 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान8 “मंऐं बोलअ इहअ कि नांईं प्रभू, ‘हुंह निं छ़ोत लाणैं आल़ी च़िज़ा कधि खाई सकदअ! किल्हैकि ज़ुंण च़िज़ा शुची निं आथी तिंयां निं मंऐं आझ़ तैणीं कधि खाई।’ Viz kapitolaकुल्वी8 मैं बोलू, नैंई प्रभु नैंई, किबैकि कोई छ़ोतली च़िज़ा मेरै मुँहा न नी नौठी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम8 मांई बोलू, नांई परमेश्वर; किबेकी कोहे भी अपवित्र या अशुद्ध चीजा मेरे मुंहा भीतरे मची तणी नांई नाठी। Viz kapitola |