शधाणूं 11:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 “तूह नाठअ होरी ज़ातीए घरै और तंऐं तिन्नां संघै खाअ-पिअ बी!” Viz kapitolaकुल्वी3 कि तैं होरी जाति रै घौरा ज़ाइआ तिन्हां सैंघै खाऊ-पीऊ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 तांई खतना रहित लोका सेटा नांही करे खाऊ-पीऊ। Viz kapitola |