शधाणूं 10:47 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान47 एता लै बोलअ पतरसै, “ऐबै कै इना कुंण पाणीं का रोक्की सका कि ईंयां डुबकी निं लऐ; ज़ुंणी हाम्हां ज़िहअ ई पबित्र आत्मों दान पाअ?” Viz kapitolaकुल्वी47 तैबै पतरसै बोलू, कि कोई पाणी बै रोकी सका सा कि ऐ बपतिस्मा नी पालै ज़ुणियै कि आसा सांही परमेश्वरा न पवित्र आत्मा पाऊ सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम47 कैह कोई पाणी रोकी सकदा कि या बपतिस्मा नांई पाए, जासू हमारे समान पवित्र आत्मा पाऊदा साह? Viz kapitola |