शधाणूं 1:20 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान20 “किल्हैकि भज़ने कताबा दी आसा लिखअ द, (भज़न 69:25; 109:8) ‘तेऊओ घर लोल़ी ज़ुआल़ुअ, और तेथ निं लोल़ी कोहै बस्सअ, तेऊए मुखियै हणें पदबी लोल़ी कसा होरी भेटी।’ Viz kapitolaकुल्वी20 किबैकि दाऊद भजन सँहितै री कताबा न लिखू सा, तेइरा घौर उजड़ू लोड़ी; होर तौखै कोई नी रौहला; “ ‘होर तेइरा अध्यक्षा रा औह्दा कोई होर लेला।’ Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम20 भजन संहिता री कताबा में लिखुदा साह, तेऊरअ घर उजड़ना होर तेऊमें कोहे नांई बसे होर तेऊरा पद कोई दूजअ नांई लए। Viz kapitola |