2 तिमुतुस 1:12 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान12 ईशू मसीहे बारै अह समाद लोगा का खोज़णैं पिछ़ू आसा हुंबी इधी कैद किअ द। मुंह निं एते शरम लागदी, किल्हैकि मुखा आसा थोघ कि मसीहा ज़हा दी हुंह आशा डाहा; सह सका मेरै विश्वासे तेऊए फिरी एछणें धैल़ी तैणीं हेर-सभाल़ करी। Viz kapitolaकुल्वी12 ऐसा बजहा न हांऊँ औखै कैदा न भी दु:खा सौहा सा पर शर्मिंदा नी किबैकि ज़ुणी पैंधै मैं बशाह डाहू सा, ज़ाणा सा, होर मुँभै पक्का बशाह सा कि ज़ो तेइयै मुँभै धिनु सा, ज़ैबै तैंईंयैं सौ वापस नैंई ऐन्दा तैबै तैंईंयैं रखवाली केरी सका सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम12 एतकि तणी हाँउ याह दुखा भी चुआका, पर शरमाउदे नांई, किवैकी हाँउ तेऊ जासु परेदे मांई बुशाह करूदा साहा हाँउ जांदा, होर महा वुशाह साहा कि सह धरोहरा री धयाडी तणी रखवाली तेसा धियाड़ी तणी करा। Viz kapitola |