2 थिस्सलुनी 3:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 हुंह पल़सी लिखा तम्हां लै आपणैं हाथै राज़ी-खुशी और हर च़िठी दी आसा मेरअ अह ई नछ़ैण और हुंह लिखा इहअ ई ताकि सोभी का थोघ लागे कि च़िठी आसा मुंह बाखा। Viz kapitolaकुल्वी17 हांऊँ, पौलुस तुसाबै नमस्कार केरनै री तैंईंयैं आपणै हौथै न चिट्ठी रै ऐई हिस्से बै लिखदा लागा सा। ऐण्ढी तैरहा हांऊँ आपणी सैभी चिट्ठी रा आखरी हिस्सा लिखा सा, ताकि सैभी जाणी सकै कि ऐ चिट्ठी मैं लिखी सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 हाऊं पौलुस आपणे हाथा का नमस्कार लिखा। हर पत्री में मेरा यह निशाण साहा, हाऊं एउ साबे लिखा। Viz kapitola |