2 युहन्ना 1:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 ऐबै हे बैहण, मंऐं निं ताल्है नऊंअ किछ़ै हुकम लाई दैई, हुंह करा ताखा अरज़ कि हाम्हां लागा एकी दुजै लै झणैल़ू हणअ। अह निं नऊंअ हुकम आथी पर अह आसा सह ई हुकम ज़ेतो हाम्हां का तधा ओर्ही आसा थोघ ज़धू हाम्हैं मसीहा दी विश्वास किअ। Viz kapitolaकुल्वी5 ऐबै हे बैहण हांऊँ तौ सैंघै अर्ज़ केरा सा कि आसाबै एकी होरी सैंघै झ़ुरी रखणी चेहिऐ। ऐ एक नोंऊँआं हुक्म नी, पर सौऐ एक हुक्म सा ज़ुणिबै आसै तेई बौगता न ज़ाणा सी ज़ैबै न फेटै आसै मसीह बै मनणा शुरू केरू। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 एबा हे बेटड़ी, मांई ताहबे कोई नई आज्ञा नांई, पर सह जोह पहिले का हामा सेटा आसा, लिखाता साहा; होर ताहका बिनती करा कि हामे एकी दूजे संघा प्रेम डाहे। Viz kapitola |