2 कुरिन्थी 9:1 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 मुंह निं असली दी येरुशलेम रहणैं आल़ै विश्वासी भाईए मज़त दैणें बारै लिखणे ज़रुरत आथी। Viz kapitolaकुल्वी1 मुँभै तुसाबै तिन्हां ढैबुऐ रै बारै न लिखणा ज़रूरी नैंई ऑथि। ज़ुणिबै तुसै यरुश्लेमा न विश्वासी लोका री तैंईंयैं देणै री तरकीब बणा सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 एबा तेसा सेवा रे बारे में जोह प्रभु रे पवित्र लोका री तणी करा, महा तमा बे लिखणा जरूरी नांई। Viz kapitola |