2 कुरिन्थी 6:12 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान12 हाम्हैं निं तम्हां संघै झ़ूरी करनअ छ़ाडदै, पर थारै ई दिलै निं हाम्हां लै झ़ूरी रही। Viz kapitolaकुल्वी12 तुसरी तैंईंयैं आसरै मना न कोई शक नैंई, पर तुसरै मना न शक सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम12 तमाबे महारे मन कोई भी शरम नांई, पर थारे ही मना में प्रेम साहा। Viz kapitola |