2 कुरिन्थी 5:8 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान8 तैहीता हाम्हैं हिम्मत डाहा और देही का ज़ुदअ हई करै समझ़ा हाम्हैं प्रभू संघै रहणअ होर बी भलअ। Viz kapitolaकुल्वी8 तैबै आसै हिम्मत रखा सी, होर ज़ैबै आसै मौरा सी ऐई शरीरा न अलग होईया प्रभु सैंघै रोहणा होर भी खरा समझा सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम8 एतकि तणी हामे ढाढ़स बान्हीं डाहंदा, होर देहा का अलग होई करे परमेश्वर संघे रहंणा होर भी उत्तम समझा। Viz kapitola |