2 कुरिन्थी 5:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 किल्हैकि अह गल्ल आसा ज़रूरी कि हाम्हां सोभिए हाल लोल़ी मसीहे न्याय राज़गादी सम्हनै खुल्है, ताकि सोभी मणछा आपणैं-आपणैं भलै बूरै कामों बदल़अ भेटे ज़ुंण तिन्नैं आपणीं देही करै आसा किऐ दै। (इफिसी 6:8; मत्ती 16:27; सैणें ज्ञैन 12:14) Viz kapitolaकुल्वी10 किबैकि ज़रूरी सा, कि आसा सैभी रा हाल मसीह रै न्याय सिहांसना सामनै खुलिणा सा, कि सैभे मांहणु आपणै-आपणै खरै माड़े कोमै रा बदला ज़ो तेइयै शरीरा न केरी रै सी पालै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 किबेकि जरूरी साहा कि हामा सभी रा हाल मसीहा रे न्याय आसना रे सामने खुले, कि हर एक मणश आपणे-आपणे भले बुरे कामा रा बदल़ा जोह तेऊ देहा रे साबे करी पाए। Viz kapitola |