2 कुरिन्थी 4:8 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान8 हाम्हां लै च़ऊ बाखा खरी ता एछा, पर हाम्हां निं तेते परबाह हंदी। हाम्हैं कई बारी ता झाखिआ पर आशा निं छ़ाडदै। Viz kapitolaकुल्वी8 आसै च़ोहू पासै न दुःख तकलीपा ता भोगा सी, पर दुःखा न नाश नी होंदै; उलझन ता सा, पर निराश नी होंदै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम8 हामे चहु फेरा का क्लशा भोगा, पर संकटा में नांई पड़दे; निरुपाय साहा, पर नराझ नांई हूदे; Viz kapitola |