2 कुरिन्थी 4:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 किल्हैकि घल़ी-पलो हल़कअ ज़िहअ कष्ट करा हाम्हां लै ज़रूरी सदा रहणैं आल़ी ज़िन्दगी और प्रतप पैईदा। Viz kapitolaकुल्वी17 ऐ होछ़ी परेशानीयां आसाबै हमेशा री महिमा री तैंईंयैं त्यार केरदी लागी सा ऐथा रै आगै आसरी सारी परेशानी किछ़ बी नैंई होंणी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 किबेकि माहरे पल भरा रा हल्का ज़ा क्लेश माहरे जीबना बहू जरूरी होर अनन्त महिमा पैदा करदअ रहंदा; Viz kapitola |