2 कुरिन्थी 2:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 ज़हा तम्हैं माफ करा तेऊ करा हुंबी माफ। ज़ुंण बी माफ करनै जोगी त सह हेरअ मंऐं माफ करी। मंऐं किअ मसीहा सम्हनै थारी भलाईए तैणीं माफ Viz kapitolaकुल्वी10 ज़ुणिरा तुसै किछ़ माफ केरा सी ता तेइबै हांऊँ भी माफ केरा सा, किबैकि ज़ो किछ़ बी माफ केरनै री ज़रूरत सा, ज़ैबै हांऊँ केरा सा, हांऊँ ऐण्ढा मसीह रै अधिकारा सैंघै तुसरै फायदै री तैंईंयैं केरा सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 ज़ासका तमे कुछ क्षमा करा थी तेता में हाऊं भी माफ करदा, किबेकि मांई जोह कुछ भी माफ करूदा, अगर करूदा हो, तेबा थारी बजा का मसीहा री जागहा में होई करे माफ करू Viz kapitola |