2 कुरिन्थी 12:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 ऐहा गल्ला पिछ़ू सका हुंह घमंड करी पर मुंह निं इहअ करनअ आथी, मुंह करनअ सिधअ आपणीं कमज़ोरी दी घमंड। Viz kapitolaकुल्वी5 सौ अनुभव घमण्ड केरनै लायक सा, पर हांऊँ घमण्ड केरना नी च़ाँहदा। पर मूँ सिर्फ़ आपणी कमज़ोरी रै बारै न घमण्ड केरना। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 एडे मणशा पेन्दे तअ महा घमण्ड करणा, पर आपु पेन्दे आपणी निर्बलता छाड़ी, आपणे बारे में घमण्ड नांई करणा। Viz kapitola |