2 कुरिन्थी 12:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 एता पिछ़ू आसा हुंह मसीहा लै कमज़ोरी दी, और निंदा दी और दल़िदरा दी, और लोगे बरोधा मांझ़ै मसीबता और मसीबता दी खुश; किल्हैकि ज़ेभै हुंह आत्मां दी दुबल़अ हआ, ता मसीहे शगती करै हआ हुंह ज़ोरा आल़अ जोधअ। Viz kapitolaकुल्वी10 ऐथा री बजहा हांऊँ मसीहा री तेइयै कमज़ोर, होर निन्दा शुणनै न; होर गरीबी न, होर क्लेश न; होर कष्टा न; खुश सा; किबैकि ज़ैबै हांऊँ कमज़ोर होआ सा, तैबै बी हांऊँ मसीह री सामर्था न ताकतवर होआ सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 एऊ बजा कअ हाऊं मसीहा री तणी निर्बलता में, होर निदिया में, होर दरिद्रता में, होर उपद्रबा में, होर संकटा में खुश साहा; किबेकि जेबा हाऊं निर्बल हुँदा, तेबा बलबन्त हुँदा। Viz kapitola |