2 कुरिन्थी 11:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 पर हुंह डरा कि ज़ेही राख्सै दानुईं बाती आपणीं च़लाकी करै संसारे पैहली ज़नानी हव्वा कबाता पाई ती, तेही निं लोल़ी थारी बी तेऊ मनें भलाई और पबित्रता ज़ुंण मसीहे अदर करना लै लोल़ी ती हुई, सह बी भ्रष्ट की। (1 थिस्सलुनी 3:5; मूल़ 3:13) Viz kapitolaकुल्वी3 पर हांऊँ डौरा सा कि ज़ैण्ढै एक कीड़ै रै रूपा न शैतानै आपणी च़लाकी सैंघै पैहली बेटड़ी हव्वा भड़काई, तैण्ढै ही मुँभै डौर सा कि तुसै सच़ाई होर इमानदारी सैंघै मसीह रै बारै न कोइँछ़ै सोच़णा बन्द नी केरू लोड़ी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 पर हाऊं डरा कि जेडे सरप आपणी चतुराई संघे हबा बहकाई, तेडे ही थारे मने तेसा सीधाई होर पवित्रता का जोह मसीहा संघे होई लोडी, कई भ्रष्ट नांई करे। Viz kapitola |