2 कुरिन्थी 11:23 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान23 कै सिधै तिंयां ई आसा मसीहे टैहलू? हुंह बोला बेगरै ज़िहअ कि हुंह आसा तिन्नां का खास्सअ मैन्था करनै आल़अ, तिन्नां का खास्सी बारी हुई मुल्है कैद, ज़ेतरी बारी मंऐं मार खाई तेते निं कुंण गिणी सकदअ और हर बगत हआ मुल्है आजू मौत खल़्हुई दी। Viz kapitolaकुल्वी23 कि सौऐ मसीह रै सेवक सी? हांऊँ पागला सांही बोला सा, हांऊँ तिन्हां न ज़ादा सा! मैं तिन्हां न बढ़ी केरिया मेहनत केरी, तिन्हां न बढ़ी केरिया कैदी बणाऊ; अनगिनत बार पीटू; घड़ी-घड़ी मेरै प्राण खतरै न पौड़ै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम23 कैह त्या मसीहा रे सेबक, साहा हाऊं पागला साही बोला, हाऊं त्याका बढ़ी करे साहा! ज्यादा मेहनत करी, होर बहु वक्ते तणी जेला में भी कैद हूँणे में; कोडे खाणे में; भी-भी मऊती रे जोखिमा में पडू। Viz kapitola |