2 कुरिन्थी 11:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 एता च़ाहा हुंह थारी एही हेर-सभाल़ करनी कि ज़ेही परमेशर आप्पै थारी हेर-सभाल़ करा। हुंह आसा तम्हां लै शोहरीए इहै बाप्पू ज़िहअ ज़ुंणी एकी ई मणछा लै थारी गल्ला-बाता पाक्की आसा की दी कि तम्हैं दैणैं ज़ुआन पबित्र कुंआरी ज़िहै मसीहा प्रभू का सभाल़ी। Viz kapitolaकुल्वी2 किबैकि हांऊँ तुसै रै बारै न परमेश्वरा सांही फ़िक्रमंद सा, तैबै कि मैं ऐकी मांहणु सैंघै तुसरी ब्याह री गैल लाई सा, कि तुसै पवित्र कुँआरी सांही मसीह बै देनु। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 हाउ जेतरी तपसया री धुना संघे तमा लोका री चिंता करदा साहा, सह परमेश्वरा री चिंता साही साहा। माई थारे एकी दुल्हे मसीहा संघे थारी सगाई करी जासु का हाऊ पवित्र कुआरी साही तमा जेह प्रकट करी सकू। Viz kapitola |