2 कुरिन्थी 11:1 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 ज़ै तम्हैं मेरी थोल़ी ज़ेही ऐडी गल्ल बी ज़िरी काढदै, ता किहअ भलअ हणअ त! हाँ मेरी ज़िरा बी। Viz kapitolaकुल्वी1 अगर तुसै मेरी थोड़ी मुर्खता सौहंदै ता कैण्ढा शोभला होंणा ती, पर हाँ, तुसै मेरी सौहा भी सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 अगर तमे मेरी होछी जेई मुर्खता सहदे रहा तेबा कैह ही भला हुँदा; हा, मेरी सहदा भी। Viz kapitola |