2 कुरिन्थी 1:12 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान12 हाम्हैं करा आपणीं सोर-समझ़े ऐहा गल्ला दी घमंड कि हाम्हैं रहै संसारा दी खासकर तम्हां मांझ़ै त म्हारअ च़ाल-च़लण परमेशरा जोगी पबित्र और सत्ता दी रही करै। सह निं म्हारी संसारे बुधि और ज्ञैना करै हुई, पर परमेशरे झींण हुई हाम्हां लै कि हाम्हैं रहै इहै। Viz kapitolaकुल्वी12 किबैकि आसाबै घमण्ड सा कि आसरा दिमाग साफ़ सा, कि दुनिया न होर खास केरिया तुसरै बीच़ा न आसरा चरित्र परमेश्वरै रै लायक होर पवित्र होर सच़ाई सैंघै ती, होर आसै मांहणु री बुद्धि पैंधै निर्भर नैंई ती, पर परमेश्वरै रै अनुग्रह सैंघै ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम12 किबेकि हामे आपणी अन्तरात्मा री एसा गुआही पेन्दे घमण्ड करा, कि धरती में होर खासकर तमा में, माहरा चरित्र परमेश्वरा रे लायक एड़ी पवित्र होर सचाई सहित थी, जोह शरीरिक ज्ञाना का नांई पर परमेश्वरा रे अनुग्रहा रे संघे थी। Viz kapitola |