1 थिस्सलुनी 5:3 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान3 ज़ेभै लोगा इहअ बोल़णअ, “ठीक-ठाक आसा, और किछ़ै फिकर निं आथी।” ता तिन्नां लै एछणअ हेरा-हेरी बनाश, ज़ेही सुंदी बेटल़ी लै सूंणें दाह एछा, तिहै ई च़ाऐ तिंयां किछ़ बी करे पर तिंयां निं तेसा बडी खरी का बच़ी सकदै। (मत्ती 24:37-39) Viz kapitolaकुल्वी3 ज़ैबै लोका बोलदै होंणै कि ठीक सी होर किछ़ डौर नी ऑथि, ता तिन्हां पैंधै एकदम विनाश पौड़ना, ज़ैण्ढा कि सुज़दी बेटड़ी पैंधै पीड़ा एज़ा सी होर बच़ी नी सकदी; तैण्ढै तिन्हां लोका बी कौसी रीतियै नी बच़णा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम3 जेबरे लोका एड़ा बोलले, कुशल साहा, कोई डरणे री गल नांई, तेबा त्याह परेदे एकी का एक विनाश ईहंणा, जासु साबे सुईन्दी बेटड़ी री दाह; होर त्या कासी साबे भी नांई बचणे। Viz kapitola |