1 थिस्सलुनी 4:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 एऊ कामां निं सिधअ आपणीं देही खुश करने च़ाहा पूरी करना लै करी, और नां तिन्नां होरी ज़ाती ज़िहअ हई ज़हा का परमेशरो थोघ निं आथी। Viz kapitolaकुल्वी5 तुसै आपणी इच्छा रै गुलाम मता बणा, ज़ैण्ढै होरी ज़ाति रै लोक शरीरा री इच्छा न लागी रौहा सी, ज़ो परमेश्वरा बै नी ज़ाणदै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 होर यह काम तमे इच्छा संघा नांई, होर नाह त्याह अन्यजाति रे बराबर, जोह परमेश्वरा नांई ज़ाणदी। Viz kapitola |