1 पतरस 1:18 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान18-19 तम्हां का लोल़ी थोघ हुअ कि परमेशरै तम्हैं बेकार बभारा का किहअ करै बच़ाऊऐ, ज़ुंण तम्हैं आपणैं पित्तरा का आसा शिखल़अ द। तेऊ निं तम्हैं सुन्नैं और च़ंदी ज़ेही बरैबाद हणैं आल़ी ज़ैदाता करै बच़ाऊऐ। पर परमेशरै बच़ाऊऐ तम्हैं मसीहे किम्मती लोहू करै ज़ुंण म्हारै पापा लै बल़ीदान हुअ। तेऊए मौत ती हाम्हां लै सिध्द और शुचअ बल़ीदान ज़िहअ यहूदी सिध्द मिम्मूं करा तै बल़ीदान ज़ेथ कोई दाग और दोश नां होए। (गलाती 1:4; भज़न 49:7-8; याशायाह 52:3) Viz kapitolaकुल्वी18 किबैकि तुसै ज़ाणा सी कि नक्कमा चाल-चलन ज़ो बुज़ुर्गा न ओरै च़लदा आऊ सा, तेथा न तुसरा छुटकारा सुनै च़ाँदी मतलब नाशमान च़ीज़ै लाइया नी हुआ, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम18 किबेकि तमे जाणा कि थारा नकाम्मा चाल चलन बापू दादू का चलू दा साहा तेताका थारा छुटकारा चाँदी सुने मतलब बेकारा री चीजा रे संघे नांई होऊ; Viz kapitola |