1 कुरिन्थी 1:20 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान20 हाम्हां एछा एता करै एही समझ़ कि ज़ुंण आप्पू लै समझ़कार समझ़ा तिन्नें बुधि आसा बेकार। ज़ुंण खास्सै पहल़ै दै शास्त्री एसा पृथूई दी गल्ला-बाता करने ज़ाणकार आसा तिन्नें बी निं किछ़ै किम्मत आथी। परमेशरै की अह गल्ल प्रगट कि ज़ुंण बुधि इधी पृथूई दी आसा तेते निं तेऊ संघै किछ़ै किम्मत आथी। (रोमी 1:22) Viz kapitolaकुल्वी20 ऐबै कौखै रौहै सौ ज्ञानवान लोका? ऐबै कौखै रौहै पवित्र ग्रन्था रै शास्त्री? ऐबै कौखै नौठै ते लोका ज़ो ऐ सोच़ा सी कि तिन्हां हागै सैभ ज़वाब सी? कि परमेश्वरै ऐ साबित नैंई केरू कि दुनिया रा ज्ञान मूर्खता सा? Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम20 कई रहू ज्ञानी? कई रहू शास्त्री? कई रहू एऊ संसारा रा विवादी? कैह परमेश्वरे संसारा रा ज्ञान मुर्खता नांई ठहराउ। Viz kapitola |