प्रकाशितवाक्य 2:10 - ओङ राजपूत10 जको ङोख तनु भोग़णे हुवे वाकनु ना ङर। कांकि ङेखा, शैतान तम्हा महु कईयां नु कैदखाने मां नाखणे उपर छै, कि तम्ही परखले जावा ते तम्हानु ङस ङिहां तक क्लेश चवणे पड़े। मरणे तक विश्वासी बणले रिहा तां मैं तम्हानु जीवन चा मुग़ट ङी। Viz kapitola |