43 तब ओणे आपणे चैला नु गोढु हकारती कर वानु केहले, मैं तम्हानु सच्च किहे पला कि मन्दरा चे भण्डार मां नाखणे आला महु ये कंगाल बांढी ने सबकनु बधती कर नाखले।