23 ङुजे लौका नु जाखते महु झपटती कर काढ़ती गिहा, वांचे उपर दया करते बेले चौकस रिहा। पर ओ ओढ़णा कनु वी नफरत करा जको शरीरा चे जरिये कलंकित हुती गेले।