रोमियों 1:21 - परमेस्वर को सच्चो वचन21 जहे वजह से परमेस्वर कै जानत भै बाके काबिल कोई बड़ाँईं और धन्यवाद नाय करीं, पर बे बेकार बिचार करन लागे, हिंयाँ तक कि उनको र्निबुद्धि मन अंधियारो हुई गौ। Viz kapitolaराना थारु नयाँ नियम21 जहेमारे कि परमेश्वरके जानके फिर बे परमेश्वरके रुपमे सम्मान नाए दइं, बल्कि बे बिपरित बिचार करन लागे, हियाँतककी बे उइसे नाए सोँचत हएं जैसे उनके सोँचनके रहए, बे ठिक रितिसे नाए सोँचत हएं। Viz kapitola |