मत्ती 20:30 - भगवान ना खरला बोल नवलो नेम30 अने तां ह़ारीक रोहा धेड़े बे आंदळा बह र्या हता। जत्यार तीहया आहयु ह़मळ्या के ईसु तीमनी अगळ माय्न जवा बाज र्यो, ता तीहया आड़ी-आड़ीन केवा बाज ज्या, “ए मालीक! दावुद नी अवल्यात! अमारी पोर गीण कर।” Viz kapitola |