प्रकाशितवाक्य 17:17 - परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू17 काहेकि कि परमेस्वर उनको मन म यु ड़ालेगो कि वी ओकी मनसा पुरी करे, अर जब लक परमेस्वर को वचन पुरो नी हो ले तब लक एक मन हो ख अपनो अपनो राज्य जानवर ख दे दे।” Viz kapitolaHalbi17 कसनबल्लोने माहापुरू हुनमन चो मन ने ऐ डाले दे कि हुनमन हुनचो इच्छा पुरा करोत, आउर जिदलदाय ले माहापुरू चो बचन पुरा नी होये हुदलदाय ले गोटक मन होऊन भाती आपलो-आपलो राज पशु के देउन दे ओत। Viz kapitola |