प्रकाशितवाक्य 15:8 - परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू8 अर परमेस्वर की महेमा अर ओकी सक्ति को वजेसे मन्दिर धुवा से भर गयो, अर अऊर जब लक कोइ मन्दिर म नी जा सका तबलक साती स्वर्ग दूत हुन की साती बिपत्ती हुन पुरी नी हो ले। Viz kapitolaHalbi8 आउर माहापुरू चो महिमा आउर हुनचो सामरत चो लागुन मंदिर कुमरा ले भरून गेली, आउर जिदलदाय ले हुन सातो सरग दूतमन चो सातो बिपत्तिमन आखरी नी होली हुदलदाय ले कोनी मंदिर ने नी जाऊक सकला। Viz kapitola |