मरकुस 3:5 - परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू5 ओ न उनको मन को ढ़िट पन की कठोरता को लाने नराज होका, उनका गुस्सा से चारी तरफ देख्यो, अर उ अदमी से कय्हो, “अपनो हात आगे कर।” ओ न आगे बढ़ायो, अर ओको हात चोक्खो हो गयो Viz kapitolaHalbi5 हुन हुनमन चो मन चो कटर ले मुरमुरा होऊन भाती, हुनमन के रिस ले चारो बाटे दकलो, आउर हुन माने ले बल्लो, “आपलो हाथ लमाव।” हुन लमालो, आउर हुनचो हाथ अच्छा होली। Viz kapitola |