मत्ती 18:30 - परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू30 अर ओ न नी मानो, पर जा ख ओ ख जेल खान म डाल दियो कि जब तक कर्जदार कर्जा भर नी दे हे, तब तक वही रहे। Viz kapitolaHalbi30 हुन नी मानलो, मान्तर जाऊन भाती हुनके जयलघर ने डालुन दिलो कि जिदलदाय तक लागा भरून नी देये, हुदलदाय तक हुताय रओ। Viz kapitola |