प्रेरितो 27:27 - परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू27 “जब चऊदह वी दिन की रात आई, अर हम अद्रिया समुंदर म भटक रहा फिरत रह, ते आधी रात को निकट मल्लाह हुन न अनुमान लगा ख जानियो कि हम कोई देस को नजीक म पहुँचन वाला हैं। Viz kapitolaHalbi27 जिदलदाय चवदवां राती ईली, आउर आमी अद्रिया समुन्द ने भुलकुन फिरते रलु, तेबे अधघर राती चो लगे जाहाज चलाऊमन अंदाजा ले जानला कि आमी कोनी देश चो लगे पोंचु से। Viz kapitola |