प्रेरितो 11:5 - परमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू5 मी याफा सहर म विनती कर रय्हो हतो, अर बेसुध होय ख एक सपना देखियो कि एक थाली, बड़ो चादर को समान चारो कोन हुन से लटकायो भयो, आकास से उतर ख नजीक आयो। Viz kapitolaHalbi5 मय याफा नंगर ने पारथना करते रले, आउर बेसुद होऊन भाती गोटक दरशन दकले कि गोटक बरतन, बड़े चदर चो असन चारो कोना ले लटकालोर, बादरी ले उतरून भाती मोचो लगे ईली। Viz kapitola |