12 अदिक नी अवरी चादर इन घाई गुंडस्या, अदिक अव फळक्यागोळ घाई बदलुसेदव: पर नी हांग अच बन्सकु ईत्या अदिक नीन जीवन इन अन्त आगतीदील.”