18 मी हर एक खे, जो या किताब की भविष्यवाणी की बात सुनतो हइ,गवइ देतो हय अगर कोय इन्सान या बात मे कुछ बडह्ये ते परमेश्वर वे विपत्तिहोन खे,जो या किताब मी लिखी हइ, वोका पर बडाह्ये.