17 आत्मा अरु दुलीन दो बोलस हइ, “आ” अरु सुनन आलो भी बोल्ह्ये का “आ” जो प्यासो हुये व्हा आयो, अरु जो कोय चाह्ये व्हा जिवन को पाणि सेत मेत ली.