15 क्युकी उ प्रभु, नजर मे बडो हूयो. व्हा कभी भी अंगूर को रस अरु मदिरा कभी नी पीह्ये. अरु अपनी माय, पेट मे से पवित्र आत्मा से पुरो हुये जाह्ये.