4 जब वे र्हेनआलाहोन ने साप खे ओका हाथ मे लटक्यो हुयो देख्यो, ते आपस मे बोल्या, “सच्ची यो इन्सान खुनी हइ, कि अगर समुंदर से बची गयो, फिर भी न्याय से बची नी पायो.”