6 ऊ मनसे ओरगत रथै कि ऊ फूल जही, या अचानक भुंइ हे गिरके मर जइही, पय बोहत देर लग ओरगै के बाद ऊ देखथै कि उके असाधरन रूप लग कुछु नेहको हुइस, ता उनखर सोच बदल गइस अउ उन कथै “हइ कउनो देउता हबै।”