4 उहां के रहै बाले जब ऊ सपुवा के ओखर हाथ हे लपटे हर देखथै, ता ऊ अपन हे कहे लागथै, जरूर इहै मनसे खुनहा हबै अउ हइ सागर लग बच गय हबै पय इके भगवान के नियाव जिन्दा नेहको रहै दइस।