27 ने आखा माणसे ज देखीन देखतात रय गुया ने आंबा-सांबा वीच्यार करने बाजी गुया की, जी काय वात छे, ज ते पेहली कावा देख्या ने नवली वात छे? ईसु पुरा हक सी भुतड़ा काजे कहें, ने चे हेरी कह्ली वात काजे माने।