18 जी वात सामळीन जकर्यु सरग वाळा काहवाळ्या काजे पुछ्यु, “मे जो कसु जाणो की असो हवणे वाळो छे? काहाकी मे ते डाहलु हय गुयु; ने मारी घरवाळी बी डाहली हय गुय।”