10 ने भगवानेन पुर्या काजे काहनुक कह्लु, चो खरला सास्तुर मां असो लिखलो छे, “ए मालीक, तुत सुरु मां, धरतीक घड़्यु, ने सरग बी तारेत हाते घड़ायलो छे।”