7 ईनी वातेक घुण इसरु; भगवान आपणु काजे डरेन जीव-आत्मा ते नी आप्यु, बाकुन ताकुतेन, ने परम करनेन ने आपसा जीवेक मानाड़नेन जीव-आत्मा आप्लु छे।