11 चे ईनी वात काजे हेर्या की मसीन आत्मा जो हींद्रे मां हतली ने पेहल सी मसीन दुखेन ने हेरे पछेन हवणेवाळी सेक-सींगारेन गवाय आपली हतली चु कुण छे ने कसली घड़ी भीणी ईसारु करतेलु।