मतीके लिखल सुसमाचार 27:64 - मध्य पुरविया थारू64 तै खातिर अहाँ आग्या दियौ कि तिन दिनतक ओइ चिहानमे पहरा देल जाय। कहि एहेन नै हेबे कि ओकर चेलासब आइबके ओकर लहास चोराके लजाए आ लोकसबके कहे लागे कि उ मुरदामेसे जिबित भ्याके उठलै। तब अइबेरके धोखाके बात पहिल्काके धोखासे औरो खराब हेतै।” Viz kapitola |